ATM full form:क्या होता है or कितने प्रकार के होते है ?

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ATM का full form क्या होता है in Hindi

दोस्तों ATM का नाम तो अपनी daily life में सुनते ही रहने होंगे, कभी घर पर, कभी ऑफिस में, तो कभी बाहर किसी अन्य जगह पर। हम में से अधिकतर लोग ATM का उपयोग करते रहे है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ATM का पूरा नाम यानी atm full form क्या होती है? अगर आप भी ATM की full form नहीं जानते या full form को लेकर confuse है तो फिक्र मत कीजिए दोस्तों क्योंकि आज हम आपको ATM की बिल्कुल सही full form और साथ ही ATM से related अन्य जानकारियां भी देंगे।

ATM एक ऐसी मशीन है  साल के  365 दिन आपको बैंकों सुविधा प्रदान करती है। वैसे तो दुनिया के कई हिस्सों में ATM की कई अन्य full form उपयोग की जाती है। लेकिन आज हम आपको ATM की सबसे common और रियल full form of ATM  बताएंगे। ताकि अगर कोई आपसे ATM की full form पूछ ले तो आप बे झिजक बता पाए।

atm kya hai

ATM की full form क्या है(what is the full form of ATM?)

ATM के बारे में अन्य जानकारियां प्राप्त करने से पहले यह जानना बहुत आवश्यक है कि ATM की full form kya होती है। ATM की हिंदी और अंग्रेजी full form निम्न हैं  –

अंग्रेजी  atm full form-

 A- automated

 T- teller

 M- Machine

हिंदी full form of atm-

A- स्वचालित

T- टेलर

M- मशीन

यानी ATM की full form (Automated Teller Machine) या (स्वचालित टेलर मशीन) होती है।

ATM क्या होता है?(what is ATM in Hindi)

ATM एक ऐसी time friendly मशीन है जिसका उपयोग सामान्यतः पैसों के लेन देन, बैंक अकाउंट की जानकारी प्राप्त करना आदि के लिए किया जाता है। ATM सेवा काफी सुविधाजनक होती है क्योंकि यह 24/7 अपनी सेवा प्रदान करती है। ATM के होते हमें पैसे निकालने या जमा करने के लिए  बैंक जाने की आवश्यकता नहीं होती है। जिससे हमारा काफी समय बचता है।

ATM सेवा का इस्तेमाल करने के लिए user को बैंक द्वारा एक Plastic card issue होता है जिस पर विशेष प्रकार की magnetic strip लगी होती है जिसमें बैंक, user और बैंक के बीच की सभी जानकारी संग्रहित कर देता है। पैसों की सुरक्षा के लिए आपको ATM का एक पिन create करने की आवश्यकता होती है जो 4 अंकों का होता है और आप इसे अपने हिसाब से ATM machine द्वारा बदल कभी भी बदल सकते है।

ATM का इतिहास क्या है?(what is the history of ATM)

ATM का आविष्कार सबसे पहले London में हुआ था। ATM के आविष्कारक का नाम जॉन शेफर्ड था जिन्होंने 27 जून वर्ष 1967 में इसका आविष्कार कर किया था। उस समय ATM PIN number 6 अंको का हुए करता था। लेकिन पिन को याद रखने में लोगो काफी दिक्कत आती थी इसलिए बाद पिन 4 अंको का के दिया गया। दुनिया में ATM floating सबसे पहले भारत के केरल प्रदेश में हुआ था।

ATM कैसे काम करता है?(How does an ATM work?)

ATM में आप दो तरीको से अपना प्लास्टिक कार्ड इस्तेमाल कर सकते है। कुछ AtM आपको कार्ड swip करने का option देते है कुछ ATM आपको कार्ड drop करने का option देते है। जब आप ATM में अपने प्लास्टिक कार्ड को ड्रॉप या swip करते है तो ATM आपके कार्ड पर उपस्थति megnetic strip को read करता है जिसमें आपकी बैंक अकाउंट की जानकारी होती है। इसके बाद ATM आपका 4 अंको का पिन मांगता है जिसे दर्ज करने के बाद आपका transaction successful हो जाता है।

ATM MACHINE TYPE

ATM कितने प्रकार के होते है?(How many types does an ATM have?)

ATM के भी कई सारे प्रकार होते है और सभी अलग अलग प्रकार के ATM अलग अलग तरह के काम के लिए इस्तेमाल किए जाते है। चलिए जानते है इन सभी प्रकार के बारे में –

  • Online ATMइस प्रकार के ATM से अपने बैंक अकाउंट में जमा राशि से ज्यादा नहीं निकाल सकते है। यह ATM bank से 24 घंटे connected रहते है अगर कोई तकनीकी खराबी ना हो तो।
  • Offline ATMइस प्रकार के ATM आपको यह सेवा प्रदान करते है की अगर आपके अकाउंट में कोई ना हो तब भी आप इस ATM से पैसे प्राप्त के सकते है। यह अपके बैंक से connected नहीं होते है।
  • On site ATM – जब हम बैंक में जाते है वहां भी ATM लगे होते है इस प्रकार के ATM को On site ATM कहते है।
  • Yellow label ATM इस प्रकार के ATM E-commerce से related कार्यों के लिए प्रयोग किए जाने है।
  • Pink lable ATM इस प्रकार के ATM को विशेषकर महिलाओं के लिए होते है। आदमी इस ATM को उस नहीं के सकते है।
  • White label ATMइस प्रकार के ATM को कोई बैंक स्थापित नहीं करता है। यह ATM non – banking companies द्वारा स्थापित किए जाते है।
  • Orange label ATMइस प्रकार के ATM का इस्तेमाल शेयर transaction के लिए किया जाता है।
  • Brown label ATM – इस प्रकार के ATM के cash transactions को तो बैंक manage करता है लेकिन इस ATM मशीन की strip और Hardwear का हकदार service provider होता है।
  • Green label ATM – इस प्रकार के ATM Ka इस्तेमाल कृषि संबंधी transactions के लिए किया जाता है।

ATM के क्या लाभ है? (what are some benefits of ATM) 

Automated teller machine (atm full form) के कई सारे लाभ और इस्तेमाल निम्न है –

  • ATM द्वारा आप अपने बैंक account से बहुत ही कम समय में राशि प्राप्त कर सकते है।
  • ATM होते आपको बैंक में धक्के कहने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • ATM आपकी बैंक से 24/7 connected रहते है तो आप इमरजेंसी में आसानी से transaction कर सकते है।
  • ATM से आप अपने बैंक account की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
  • ATM द्वारा आप अपने 4 अंको के पिन को कभी भी re-genrate कर सकते है।
  • ATM card द्वारा आप किसी जगह payment कर सकते है जैसे खरीदारी करते समय,स्कूल की फीस जमा करते समय,बिल भुगतान में आदि।
  • ATM द्वारा आप पैसे निकालने के साथ साथ जमा भी के सकते है।

ATM इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां(some warnings while using ATM)

आपका ATM card एक ऐसी वस्तु है जो जिससे आपकी बैंक की सभी जानकारियां जुड़ी है। इसलिए ATM card इस्तेमाल करते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। कृपया Atm का इस्तेमाल करते समय नीचे दी गई सावधानियां जरूर बरते –

  • बैंक से ATM card प्राप्त करने के बाद यह सुनिश्चित करें आप कार्ड को संभाल कर किसी सुरक्षित जगह पर रख रहे है। कार्ड खो जाने की स्थिति में आपको काफी दिक्कत हो सकती है
  • कार्ड को ATM में swipe करने से पहले अच्छे से साफ कर ले।
  • ATM में अपना 4 अंको का पिन नंबर दर्ज करते समय सुनिश्चित के कोई आपके आस पास से आपके पिन को ना देख ले।
  • अपने ATM card से संबंधित जानकारियां किसी भी अनजान व्यक्ति से ना शेयर के।
  • कार्ड खो जाने या चोरी हो जाने की स्थिति में तुरंत अपने बैंक से सम्पर्क करें और कार्ड को ब्लॉक करवाए।
  • ATM से पैसे निकालने के बाद एक बार कैंसल के बटन पर जरूर टेप करे।
  • पैसे निकालने के बाद रसीद जरूर प्राप्त करे और balance check करना ना भूलें।

हम को यकीन है की आप अपने प्रश्ना का उतर प् चुके हो। अगर आपको ये पोस्ट अछि लगी तो हमको कमेंट करके बताना।
धन्यबाद।
महाबाहु

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